Call for Astrological help:   +91 9888333396
सिद्ध कुंजिका स्तोत्र - बीज मन्त्रों

"सिद्ध कुंजिका स्तोत्र " के बीज मन्त्रों की शक्ति
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
क्रीं, श्रीं, ह्रौं, दूँ, ह्रीं, ऐं, गं, हूँ,ग्लौं, स्त्रीं, क्षौं, वं, --इसी प्रकार कई "बीज" हैं, जो कि अपने-आप में ही मन्त्र स्वरुप हैं! 
शं, फ्रौं, क्रौं, दं, हं, वं, रं, लं, ज्ञं, भ्रं!
क्रीं ---इसके चार-स्वर-व्यंजन हैं---
क=काली
र=ब्रह्म
ईकार=महामाया
अनुस्ववार=दुखहरण !
इस प्रकार "क्रीं " बीज का अर्थ हुआ---ब्रह्न-शक्ति संपन्न महामाया काली मेरे दुखों का हरण करे!
श्रीं---
श=महालक्ष्मी
र= धन-ऐश्वर्य 
ई=तुष्टि 
अनुस्वार=दुखहरण!
नाद का तात्पर्य विश्वमाता है! इस प्रकार "श्रीं" बीज का अर्थ हुआ! धन-ऐश्वर्य संपत्ति, तुष्टि-पुष्टि की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी मेरे दुखों का हरण करे!
ह्रौं-----
यह प्रसाद बीज है---
ह्र=शिव
औ=सदाशिव
अनुस्वार=दुःख हरण 
ह्रौं बीज का अर्थ---शिव तथा सदाशिव कृपा कर मेरे दुखों का हरण करें!
दूँ------
डी=दुर्गा
ऊ= रखा
अनुस्वार=करना
मां दुएगे! मेरी रक्षा करो! यह दुर्गा बीज है!
ह्रीं-- ह=शिव
र=प्रकृति
ई=महामाया
नाद= विश्वमाता, बिंदु= दुःख हर्ता!
शिव युक्त विश्वमाता मेरे दुखों का हरण करे!
ऐं------
ऐ=सरस्वती
अनुस्वार=दुःख हरण 
हे माँ सरस्वती ! मेरे दुखों का, अविद्या का नाश कर! 
सरस्वती जी का बीज मन्त्र है!
क्लीं --- 
क=कृष्ण 
ल=इंद्र
ई=तुष्टिभाव
अनुस्वार=सुखदाता
कामदेव रूप श्रीकृष्ण मुझे सुख-सौभाग्य दें!
गं-----
गणपति बीज---
ग=गणेश
अनुस्वार= दुःख हर्ता 
श्री गणेश मेरे विध्नों को, दुखों को दूर करें!
हूँ----
ह=शिव
ऊ=भैरव
अनुस्वार=दुःख हर्ता 
यह कूर्च बीज है!
इसका तात्पर्य यह है असुर-संहारक शिव मेरे दुखों का नाश करें!
ग्लौं-----
ग=गणेश
ल=व्यापक
औ =तेज
बिंदु=दुःख हरण
व्यापक रूप विध्नहर्ता अपने तेज से मेरे दुखों का नाश करें!
स्त्रीं---
स=दुर्गा
टी=तारण
र=मुक्ति
ई=महामाया
बिंदु=दुःख हर्ता
हे दुर्गा मुख्तिदाता, दुःख हर्ता, भवसागर-तारिणी महामाया मेरे दुखों का नाश करे!
क्षौं --
क्ष= नृसिंह 
र=ब्रह्म
औ=ऊर्ध्वकेशी 
बिंदु=दुःख हरण 
नृसिंह बीज है! ऊर्ध्व केशी ब्रह्म स्वरुप नृसिंह भगवान मेरे दुखों को दूर करे!
वं----
व्=अमृत
बिंदु=दुःख हरता
हे अमृत स्वरुप मेरे दुखों को दूर कर! 
शं---शंकर बीज
फ्रौं --हनुमान बीज
क्रौं --काली बीज
दं--विष्णु बीज
हं--आकाश बीज
यं --अग्नि बीज
रं--जल बीज
लं--पृथ्वी बीज 
ज्ञं --ज्ञान बीज और 
भ्रं---भैरव बीज है!
 
आपकी कुंडली में छुपा हे आपकी सफलता का राज
 
ज्योतिष परामर्श के लिए संपर्क करें
 
Shastri Jatinder ji  +91 9888333396


ASK A QUESTION